न्याय वही है जो सबके लिए बराबर हो, न कि सिर्फ़ किसी एक के लिए भागे दोनों साथ थे, लेकिन सवाल सिर्फ़ लड़के से किया गया। हर कहानी के दो पहलू होते हैं, लेकिन अक्सर फैसला एक तरफ़ देखकर सुना दिया जाता है। अगर दो बालिग अपनी मर्ज़ी से साथ गए हों, तो सच की जाँच निष्पक्ष होनी चाहिए — बिना किसी पूर्वाग्रह के। न्याय वही है जो सबके लिए बराबर हो, न कि सिर्फ़ किसी एक के लिए। 💬 आपकी क्या राय है? कमेंट में ज़रूर बताइए। #Justice #EqualRights #सच्चाई #सोच_बदलिए instagram id @mr_arun_sahu_